रविवार पन्ना SUNDAY 23 मुझे तो बताओ… यशस्वी जायस्ाल के साथ मैं कहां नजर आ रहवी हूं। कैसे यार, आप जैसे पढ़े-ललखे लोग, ऐसवी अफ्ाह को सच मानने लगते हैं। देश में कया और कुछ नहीं हो रहा है? जेन-जवी से कुछ सवीलखए और सहवी मुद्दों पर ्वीलियो बनाइए…... मैं कहतवी हूं...
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रविवार पन्ना SUNDAY 23 मुझे तो बताओ… यशस्वी जायस्ाल के साथ मैं कहां नजर आ रहवी हूं। कैसे यार, आप जैसे पढ़े-ललखे लोग, ऐसवी अफ्ाह को सच मानने लगते हैं। देश में कया और कुछ नहीं हो रहा है? जेन-जवी से कुछ सवीलखए और सहवी मुद्दों पर ्वीलियो बनाइए…... मैं कहतवी हूं और जयादा वयूज लमलेंगे। मैं और यशस्वी कभवी साथ- रवििार. 23 अगस्त, 2026| 06 { साथ कैफे नहीं गए। मृणाल ठाकुर (अलग-अलग गए थे कया…...?) ‘नायक नहीं... खलनायक...!’ अगस्त 2026, इंदौर “वमस्टर संजय दत्त, कृपया फोन के पास आइए।” उस िोि के दूसरी तरि डॉक्र थे और कुछ ही शमि्ों में संजय को पता चल गया शक पत्ी ऋचा िमा्त की शजंदगी आसाि िहीं है। ऋचा िमा्त को शिलमों में देव आिंद लाए। नयू यॉक्फ में मुलाकात के दौराि देव आिंद िे ऋचा से ऋचा की कहानी शोहरत, पयार, बीमारी, उममीद और सबछड़ने का ऐिा ििर है, वादा शकया था शक मौका देंगे। वादा शिभाया और ऋचा को ‘हम िौजवाि’ में काम शदया। इसके ्बाद ऋचा के पास कई शिलमें आईं। संजय दति की शिलम सजिने िंजय दत्त की सजंदगी ‘िाम’ िे डू्बते कररयर को शजंदगी दी। इसी दौर में ऋचा से मुलाकात के ्बाद दोसती ्बढी, पयार हुआ। पर गहरा िवाल
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