रविवार पन्ना SUNDAY 20 कई बार बेटी मसाबा से माफी मांगी है कक जब तुम युवा हो रही थी, तुमहारे किता साथ नहीं थे। यह मेरी गलती थी, लेककन मसाबा मानती है कक गलती तो सभी से होती है। ना तो उसे किकायत है मुझसे और ना ही नाराज है। { नीना गुपता (गलती...… इसमें गलत...
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रविवार पन्ना SUNDAY 20 कई बार बेटी मसाबा से माफी मांगी है कक जब तुम युवा हो रही थी, तुमहारे किता साथ नहीं थे। यह मेरी गलती थी, लेककन मसाबा मानती है कक गलती तो सभी से होती है। ना तो उसे किकायत है मुझसे और ना ही नाराज है। { नीना गुपता (गलती...… इसमें गलत कया…?) रवििार. 20 वितंबर, 2026| 07 याद रहेंगे िसतंबर 2026, इंदौर ‘भूलना ही मौत है...!’ प्रणय सरिपाठी फिलमकार पेफस्ट्रयो गुजमान कज़नदगी के साथ छोड देता है जहां कोई कजंदगी भर अपनी मां, बाप, बहन, भाई, प्ेमी के इंतज़ार में आज भी है। सरकार उनहें कई दफा ऐिा भी होता है, जब कोई अजनबी ·दे् अपना गुम्ुदा कहती है और दूसरी तरफ कहती है कोई भी गायब लगने लगे। अकसर इसकी वजह कला में होती है। ्ायद कोई नहीं हुआ था। अचानक लोगों का गायब हो जाना और उम्र ककव या कहानीकार पसंद आने लगता है, कफर पसंद आती है भर की टीस छोड जाना। दुकवधा की ्लोर पर चलते हुए कजंदगी उसकी भाषा, दे् मन समझना चाहता है कक इस कला के जीना सबसे मुसशकल है। गुजमान ने इस पर कहा था- याद पीछ़े वजह कया है। कभी चीलेे नहीं गया, लेककन महसूस होता रखना और याद करना बहुत ज़रूरी है, तभी आप जी सकते है कक चीले को
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