रविवार पन्ना SUNDAY 19 जुलाई 2026, इंदौर बगदाद में महाकाल… देिदत्त पटनायक तेरहवीं सदी में मुस्लिम शासक सुल्ान कहलिा्े थे, मगर सोलिहवीं सदी में मुगलिों ने खुद को बादशाह कहना पसंद ककया। यह इसकलिए कक ्ुककी शासक सत्ा को खलिीफा की पदवी से हाकसलि कर्े थे, जबकक...
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रविवार पन्ना SUNDAY 19 जुलाई 2026, इंदौर बगदाद में महाकाल… देिदत्त पटनायक तेरहवीं सदी में मुस्लिम शासक सुल्ान कहलिा्े थे, मगर सोलिहवीं सदी में मुगलिों ने खुद को बादशाह कहना पसंद ककया। यह इसकलिए कक ्ुककी शासक सत्ा को खलिीफा की पदवी से हाकसलि कर्े थे, जबकक मुगलिों ने सीधे अललिाह की देन मान कर राज ककया, कजस ्रह सूफी रह्यवाकदयों को भी खलिीफा की मधय्थ्ा के बगैर खुदा से सीधे ररश्ा रखना जयादा पसंद था। इस जरूरी अं्र को समझने के कलिए हमें बौद्ध और खासकर क्बब्ी बौद्ध परंपरा को समझना होगा। मुगलि सल्न् के पहलिे शासक बाबर का रंग-हजार मुगल... फारसी के मंगोल से आया है। मंगोल ने बगदाद पर हमला ककया था, इसके बाद इसलाम की शकल बदल गई थी। रवििार. 19 जुलाई. 2026 थी, कजसने मंगोलिों के बाद भी इ्लिामी राज की कवचार शैलिी पर गहरा असर डालिा। आठ सौ ई्वी में अबू सशीद कालि के बमा्शकीद वजीरों ने जो मधय एकशया में बुद्ध धमा्शवलिंकबयों के वंशज थे, उनहोंने कचककतसा और कवज्ान संबंधी ग्रंथों का सं्ककृ् से अरबी में अनुवाद ककया। बुद्ध की जीवनी मुस्लिम लिोक कथा परंपरा में बुदासफ और कबलिावर की कथा के ब्ौर शाकमलि हो गई। खासकर कश
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