prabhatkiran
Read

prabhatkiran

रविवार पन्ना SUNDAY 02 जब 'सत्या', 'मकबूल', 'स्पर्श' जैसी फिलमें देखते हैं, तो समझ आतया है फक ्े सभी नयाटक के कलयाकयार हैं, जो ्पददे ्पर इतनया सच्या अफभन् कर गए हैं। फिलमी दुफन्या को सच्याई से रूबरू करवया्या है इन कलयाकयारों ने। आज तो फसनेमया फसि्फ ‘बॉकस-... More

Read the publication