अंतरराष्ट्रीय रसायन िविज्ञान विष र्ष 2011 पर िविशेष लेख
आविविष्कार, िदिसम्बर 2011 अंक में प्रकाशिशित
दैनिनिक जीवनि और रसायनि
– डॉ.
कृ ष्ण कु माशर िमश
संपूर्ण र्ण ब्रह्माण्ड रसायनों का िविशाल भंडार है। िजिधर भी दृष्टिष्टि जिाए, हमें िवििविध आकार
प्रकार की...
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अंतरराष्ट्रीय रसायन िविज्ञान विष र्ष 2011 पर िविशेष लेख
आविविष्कार, िदिसम्बर 2011 अंक में प्रकाशिशित
दैनिनिक जीवनि और रसायनि
– डॉ.
कृ ष्ण कु माशर िमश
संपूर्ण र्ण ब्रह्माण्ड रसायनों का िविशाल भंडार है। िजिधर भी दृष्टिष्टि जिाए, हमें िवििविध आकार
प्रकार की विस्तुएं नजिर आती हैं। ये सभी िकसी न िकसी पदाथ र्ण से िनिमर्णत हैं। ये ठोस,
द्रवि या गैस अविस्थ ा में हो सकती हैं। मोटिे तौर पर समूर्चे ब्रह्माण्ड में दो ही चीजिें
िविद्यमान हैं; पदाथ र्ण तथ ा िविद्युतचुंबकीय िवििकरण । पदाथ र्ण विह है िजिसका कोई आकार
प्रकार हो तथ ा िजिसमें द्रव्यमान यािन संहित हो। तारों, ग्रहों, नक्षत्रों, धूर्मकेतुओं तथ ा
उपग्रहों में रसायन की ही सत्ता है। मानवि जिीविन में रसायनों की कमोबेश हमेशा से
भूर्िमका रही है। सभ्यता की िविकास-यात्रा के साथ यह भूर्िमका बढ़ती गयी है। देखा
जिाए तो जिीविन तथ ा रसायनों का अन्योन्यािश्रित संबन्ध है। प्रकारान्तर से देखा जिाए तो
जिीविन की समूर्ची प्रिक्रिया ही रासायिनक अिभिक्रियाओं की देन है। जिीविन के समस्त
लक्षण रासायिनक प्रिक्रियाओं की अनुगूर्ंजि हैं। पृथ्विी पर पेड़ पौधे उग रहे है
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